अब सभी बुजुर्ग मजदूरों और विकलांक को मिलेगा ₹3000 सीधे बैंक खाते में मिलेगा Bujurg Pension Scheme News

Published On: February 9, 2026
Bujurg Pension Scheme News

Bujurg Pension Scheme News: उत्तर प्रदेश राज्य के लाखों बुजुर्गों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अत्यंत खुशी और राहत की खबर आई है। अब उन्हें वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त करने के लिए सरकारी दफ्तरों और कार्यालयों के अनगिनत चक्कर नहीं लगाने होंगे। योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के बुजुर्गों की सुविधा और उनके सम्मान को ध्यान में रखते हुए एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी कदम उठाया है। इस नई व्यवस्था के अंतर्गत अब जैसे ही किसी पात्र व्यक्ति की आयु साठ वर्ष पूरी होगी, उसकी वृद्धावस्था पेंशन स्वचालित रूप से और अपने आप शुरू हो जाएगी। यह महत्वपूर्ण निर्णय उत्तर प्रदेश राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक में औपचारिक रूप से लिया गया है और इस बदलाव से राज्य के लगभग सत्तर लाख से अधिक बुजुर्गों को प्रत्यक्ष और तत्काल राहत मिलने वाली है।

पहले की पुरानी व्यवस्था में बुजुर्गों को पेंशन प्राप्त करने के लिए एक लंबी और जटिल आवेदन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। उन्हें कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, अनेक दस्तावेज जमा करने होते थे और महीनों इंतजार करना पड़ता था। कई बार तो पात्र बुजुर्ग जानकारी के अभाव या शारीरिक कमजोरी के कारण आवेदन ही नहीं कर पाते थे और इस महत्वपूर्ण सरकारी लाभ से वंचित रह जाते थे। अब यह नई डिजिटल और स्वचालित प्रणाली इन सभी समस्याओं का समाधान करेगी और बुजुर्गों का जीवन सरल बना देगी।

फैमिली आईडी से होगी स्वचालित पहचान

उत्तर प्रदेश सरकार की इस नई और आधुनिक व्यवस्था के अनुसार अब राज्य में किसी भी पात्र बुजुर्ग को वृद्धावस्था पेंशन प्राप्त करने के लिए किसी भी प्रकार का कोई आवेदन पत्र भरने या जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। यह एक पूरी तरह से स्वचालित और पारदर्शी प्रणाली होगी। उत्तर प्रदेश का समाज कल्याण विभाग फैमिली आईडी जिसे एक परिवार एक पहचान योजना के नाम से भी जाना जाता है, के डिजिटल डेटाबेस के माध्यम से सभी पात्र और योग्य बुजुर्गों की स्वतः पहचान करेगा। यह फैमिली आईडी प्रणाली राज्य के प्रत्येक परिवार की पूरी जानकारी जैसे सदस्यों की संख्या, उनकी आयु, आय का स्रोत और अन्य महत्वपूर्ण विवरण डिजिटल रूप से संग्रहीत रखती है।

इस उन्नत डिजिटल प्रणाली के अंतर्गत जैसे ही किसी पंजीकृत परिवार के किसी सदस्य की आयु साठ वर्ष पूरी होगी, सिस्टम स्वचालित रूप से उस व्यक्ति को चिन्हित कर लेगा और उसी महीने से उसकी वृद्धावस्था पेंशन बिना किसी देरी के शुरू हो जाएगी। यह व्यवस्था उन सभी बुजुर्गों के लिए बहुत बड़ी राहत साबित होगी जो अब तक जटिल आवेदन प्रक्रिया, कागजी कार्रवाई और सरकारी दफ्तरों के चक्करों के झंझट में फंसे रहते थे। अब उन्हें इन सब परेशानियों से मुक्ति मिलेगी और वे सम्मान के साथ अपनी पेंशन प्राप्त कर सकेंगे।

लाभार्थियों की संख्या और योजना का विस्तार

योगी सरकार के इस दूरदर्शी और जनहितकारी फैसले से उत्तर प्रदेश राज्य के लगभग सत्तर लाख से अधिक बुजुर्गों को सीधा और महत्वपूर्ण लाभ मिलने की संभावना है। वर्तमान में राज्य में लगभग सड़सठ लाख पचास हजार वरिष्ठ नागरिक राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत नियमित रूप से पेंशन का लाभ ले रहे हैं। हालांकि सरकारी आंकड़ों और सर्वेक्षणों से यह स्पष्ट हो गया है कि राज्य में अभी भी कई पात्र और योग्य बुजुर्ग ऐसे हैं जो विभिन्न कारणों से अब तक इस योजना के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे। कुछ लोगों को जानकारी नहीं थी, कुछ शारीरिक रूप से कमजोर थे, कुछ को प्रक्रिया जटिल लगती थी और कुछ को दस्तावेज जुटाने में परेशानी होती थी। इन सभी कारणों से वे इस महत्वपूर्ण सरकारी लाभ से वंचित रह गए थे।

अब नई स्वचालित प्रणाली के माध्यम से सभी पात्र वरिष्ठ नागरिकों तक योजना का लाभ स्वतः और बिना किसी बाधा के पहुंच जाएगा। इससे शत प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित होगी और कोई भी पात्र बुजुर्ग इस लाभ से वंचित नहीं रहेगा। यह सामाजिक सुरक्षा और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

पेंशन स्वीकृति के लिए डिजिटल सहमति प्रक्रिया

नई व्यवस्था में समाज कल्याण विभाग सभी पात्र और चिन्हित बुजुर्गों से आधुनिक डिजिटल माध्यमों के द्वारा औपचारिक सहमति लेगा। विभाग के अधिकारी और कर्मचारी एसएमएस, फोन कॉल या व्हाट्सएप जैसे लोकप्रिय संचार माध्यमों के जरिए पात्र बुजुर्गों से सीधे संपर्क स्थापित करेंगे। बुजुर्ग व्यक्ति स्वयं या अपने परिवार के किसी सदस्य की सहायता से सरकार के विशेष पेंशन पोर्टल पर जाकर अपनी सहमति दे सकते हैं। यदि किसी बुजुर्ग को तकनीकी जानकारी नहीं है तो ग्राम पंचायत सहायक या निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर के कर्मचारी भी यह काम आसानी से कर सकते हैं। जिन बुजुर्गों से डिजिटल माध्यम से सहमति नहीं मिल पाएगी, उनसे विभागीय अधिकारी व्यक्तिगत रूप से मिलकर संपर्क करेंगे।

डिजिटल भुगतान और निगरानी व्यवस्था

सभी स्वीकृत पेंशन का भुगतान सीधे लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में किया जाएगा। सरकार एक मोबाइल एप भी जारी करने जा रही है जो पासबुक की तरह काम करेगा।

यूपी सरकार का यह निर्णय बुजुर्गों के जीवन को आसान बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। अब पेंशन अपने आप शुरू होगी और सम्मान के साथ बुजुर्ग अपना जीवन जी सकेंगे।

Disclaimer

यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए लिखा गया है। यहां प्रस्तुत जानकारी प्रदान किए गए दस्तावेज़ पर आधारित है और उत्तर प्रदेश वृद्धावस्था पेंशन योजना के नियम, प्रक्रिया और लाभ समय-समय पर बदल सकते हैं। पाठकों से विनम्र अनुरोध है कि वे किसी भी जानकारी के लिए उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें या नजदीकी जिला समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क करें और नवीनतम जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।

Aarti Sharma

Aarti Sharma is a talented writer and editor at a top news portal, shining with her concise takes on government schemes, news, tech, and automobiles. Her engaging style and sharp insights make her a beloved voice in journalism.

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