
Free Silai Machine Yojana: केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा कार्यक्रम के अंतर्गत गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के लिए सिलाई मशीन वितरण की एक खास पहल शुरू की गई है। इस कार्यक्रम के माध्यम से उन महिलाओं को निशुल्क सिलाई मशीन उपलब्ध कराई जा रही है जो सिलाई का काम जानती हैं लेकिन पैसों की कमी के कारण मशीन नहीं खरीद पाती हैं। यह योजना देशभर में कई राज्यों में लागू हो चुकी है और हजारों महिलाएं इसका फायदा उठा रही हैं।
हमारे देश में अनगिनत महिलाएं ऐसी हैं जो सिलाई कढ़ाई में बेहद कुशल हैं लेकिन आर्थिक परेशानियों के चलते अपना खुद का व्यवसाय शुरू नहीं कर पाती हैं। ऐसी महिलाओं के लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है क्योंकि मशीन मिलने के बाद वे अपने घर से ही छोटा मोटा धंधा शुरू कर सकती हैं। इससे न केवल उनकी अपनी कमाई होगी बल्कि परिवार की माली हालत में भी सुधार आएगा।
सरकार देगी पंद्रह हजार रुपये की आर्थिक मदद
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि सरकार सिलाई मशीन खरीदने के लिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पंद्रह हजार रुपये तक की राशि भेज रही है। यह पैसा मिलते ही महिलाएं बाजार से अपनी पसंद की अच्छी गुणवत्ता वाली मशीन खरीद सकती हैं और किसी से कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ती। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की यह व्यवस्था पारदर्शी है और इसमें बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं है।
सरकार का मानना है कि महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए सिर्फ अवसर चाहिए होते हैं। जब उन्हें आर्थिक सहायता मिल जाती है तो वे अपनी मेहनत और हुनर से कमाई का अच्छा जरिया बना लेती हैं। यह योजना महिलाओं को आर्थिक तौर पर मजबूत बनाने का एक बेहतरीन माध्यम है। इस पैसे से वे मशीन के साथ साथ जरूरी सामान जैसे धागा सुई और कपड़ा भी खरीद सकती हैं।
प्रशिक्षण के दौरान मिलेगा पांच सौ रुपये रोज
योजना का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि जिन महिलाओं को सिलाई का काम सीखना है या जो अपने हुनर को और निखारना चाहती हैं उनके लिए विशेष ट्रेनिंग की व्यवस्था की गई है। इस ट्रेनिंग के दौरान प्रतिदिन पांच सौ रुपये का भत्ता भी दिया जाता है ताकि महिलाएं बिना किसी आर्थिक चिंता के अपना प्रशिक्षण पूरा कर सकें। यह भत्ता सीधे उनके खाते में आता है और इससे उनके घर का दैनिक खर्च भी चलता रहता है।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाओं को एक सरकारी प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाता है जो भविष्य में किसी भी नौकरी या रोजगार योजना में काम आ सकता है। यह सर्टिफिकेट उनकी योग्यता का सबूत होता है और इससे उन्हें बेहतर अवसर मिलने की संभावना बढ़ जाती है। सरकार ने यह व्यवस्था इसलिए बनाई है ताकि महिलाएं प्रशिक्षण लेने से पीछे न रहें।
पुरुष भी कर सकते हैं आवेदन पर प्राथमिकता महिलाओं को
हालांकि इस योजना का नाम महिलाओं के साथ जुड़ा हुआ है लेकिन सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पुरुष भी इस योजना में आवेदन कर सकते हैं। फिर भी पहली प्राथमिकता विधवा महिलाओं विकलांग महिलाओं और उन परिवारों की महिलाओं को दी जाएगी जो आर्थिक रूप से बहुत कमजोर हैं। सरकार चाहती है कि जो महिलाएं घर की चारदीवारी में रहकर काम करना चाहती हैं वे भी अपनी कमाई करके सशक्त बन सकें।
इस योजना से ऐसी महिलाओं को सबसे ज्यादा फायदा हो रहा है जिनके पति की मृत्यु हो चुकी है या जो किसी कारण से घर से बाहर नौकरी नहीं कर सकती हैं। अब वे अपने घर में रहकर ही सिलाई का काम करके परिवार का सहारा बन रही हैं। यह उनके आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है।
घर बैठे शुरू हो सकेगा रोजगार
मुफ्त में सिलाई मशीन मिलने के बाद महिलाओं के पास कई तरह के काम करने के विकल्प खुल जाते हैं। वे घर में बैठकर कपड़ों की सिलाई कर सकती हैं ब्लाउज बनाने का काम ले सकती हैं कढ़ाई और डिजाइनिंग का काम कर सकती हैं या फिर सूट सलवार सिलने का ऑर्डर ले सकती हैं। इस तरह के काम की हमेशा मांग रहती है और महिलाएं अपने इलाके में ही ग्राहक बना सकती हैं।
घर से काम करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि महिलाएं अपने घर की जिम्मेदारियों को भी संभाल सकती हैं और साथ ही पैसे भी कमा सकती हैं। उन्हें रोज बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती और अपने समय के हिसाब से काम कर सकती हैं। धीरे धीरे अनुभव बढ़ने के साथ वे अपना छोटा बुटीक भी खोल सकती हैं और अपने व्यवसाय को बढ़ा सकती हैं।
पात्रता और जरूरी शर्तें
इस योजना में आवेदन करने के लिए कुछ बुनियादी शर्तें पूरी करनी होती हैं। सबसे पहली बात तो यह है कि आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए। उम्र की बात करें तो बीस साल से लेकर चालीस साल तक की महिलाएं इस योजना के लिए पात्र मानी जाती हैं। परिवार की मासिक आय बारह हजार रुपये से कम होनी चाहिए तभी इस योजना का लाभ मिल सकता है।
जो महिलाएं विधवा हैं या शारीरिक रूप से अक्षम हैं या फिर समाज के कमजोर वर्ग से आती हैं उन्हें इस योजना में विशेष प्राथमिकता दी जाती है। सरकार ऐसी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना चाहती है ताकि उन्हें किसी और पर निर्भर न रहना पड़े। आवेदन से पहले सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ लेना जरूरी है।
आवेदन की प्रक्रिया बेहद सरल
अधिकांश राज्यों में इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। महिलाओं को संबंधित राज्य सरकार के पोर्टल पर जाकर आवेदन फॉर्म भरना होता है। फॉर्म में नाम पता आयु और बैंक विवरण जैसी बुनियादी जानकारी भरनी होती है। इसके साथ कुछ जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होते हैं जिनमें पहचान पत्र निवास प्रमाण पत्र आय प्रमाण पत्र राशन कार्ड बैंक पासबुक की कॉपी और फोटो शामिल हैं।
आवेदन जमा होते ही एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिल जाता है जिसकी मदद से आप अपने आवेदन की स्थिति ऑनलाइन देख सकते हैं। इस डिजिटल सुविधा ने गांव की महिलाओं के लिए भी आवेदन करना आसान बना दिया है। अब उन्हें बार बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते और घर बैठे ही सारी प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
महत्वपूर्ण सूचना
यह लेख केवल सामान्य जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। योजना से जुड़े नियम और शर्तें अलग अलग राज्यों में भिन्न हो सकती हैं इसलिए आवेदन करने से पहले अपने राज्य के संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पूरी जानकारी जरूर प्राप्त करें। पात्रता मानदंड आवेदन की अंतिम तिथि और जरूरी दस्तावेजों की सूची में बदलाव हो सकते हैं। किसी भी प्रकार की गलत या अधूरी जानकारी के लिए लेखक या प्रकाशक जिम्मेदार नहीं होंगे। कृपया सभी जानकारी सरकारी स्रोतों से सत्यापित कर लें।









