
Sariya Cement Price Today: जिन लोगों ने अपना घर बनाने का सपना देखा है उनके लिए यह समय काफी अच्छा साबित हो रहा है। बीते कुछ महीनों से बाजार में सरिया सीमेंट और बालू के दाम लगातार ऊंचे बने हुए थे जिसकी वजह से बहुत से लोगों ने अपनी निर्माण योजनाओं को टाल दिया था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं और इन तीनों मुख्य निर्माण सामग्रियों के दामों में अच्छी खासी कमी देखने को मिल रही है। यह गिरावट जीएसटी में हुए संशोधन उत्पादन खर्च में कमी और बाजार में घटी हुई मांग की वजह से आई है।
बाजार के जानकार यह भी बता रहे हैं कि अगले कुछ हफ्तों तक दामों में बड़ा उतार चढ़ाव होने की संभावना कम है। इसलिए जो लोग मकान बनवाने की योजना बना रहे हैं या फिर निर्माण सामग्री को खरीदकर रखना चाहते हैं उनके लिए यह मौका बहुत फायदेमंद है। सही समय पर सामान खरीदने से हजारों रुपये की बचत हो सकती है। आइए आज के ताजा भाव और बाजार की पूरी जानकारी विस्तार से जानते हैं।
आज बाजार में क्या हैं सरिया सीमेंट के भाव
इस समय बाजार में सरिए की कीमत सत्तर हजार रुपये से लेकर पचहत्तर हजार रुपये प्रति टन के बीच चल रही है। यह दर पिछले सप्ताह के मुकाबले करीब तीन हजार रुपये प्रति टन कम है। कुछ हफ्ते पहले तक यही सरिया सतहत्तर हजार से अठहत्तर हजार रुपये प्रति टन में बिक रहा था। लंबे समय तक बढ़ती कीमतों ने आम लोगों और ठेकेदारों दोनों की परेशानी बढ़ा दी थी लेकिन अब इस कमी से सभी को राहत मिली है।
सीमेंट के भाव में भी काफी गिरावट आई है। अभी पचास किलो के एक सीमेंट बैग की कीमत तीन सौ तीस रुपये से लेकर तीन सौ साठ रुपये के बीच है जबकि पहले यह तीन सौ सत्तर से तीन सौ नब्बे रुपये तक था। बालू की बात करें तो एक ट्रॉली बालू चार हजार पांच सौ रुपये से लेकर पांच हजार दो सौ रुपये में मिल रही है। पहले इसकी कीमत लगभग आठ सौ रुपये ज्यादा थी। यह कमी उन लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है जो बड़े पैमाने पर निर्माण का काम करवा रहे हैं।
दाम क्यों हुए कम
विशेषज्ञों का कहना है कि कीमतों में गिरावट के कई कारण हैं। सबसे पहला कारण उत्पादन की लागत में कमी आना है। इन दिनों डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं जिससे माल ढुलाई का खर्च पहले की तुलना में घट गया है। साथ ही कच्चे माल की आपूर्ति भी अच्छी मात्रा में हो रही है जिसके कारण फैक्ट्रियां बिना ज्यादा खर्च के उत्पादन कर पा रही हैं। जीएसटी के नियमों में हुए नए बदलावों ने भी कुल लागत को घटाने में अहम भूमिका निभाई है।
दूसरा बड़ा कारण बाजार में मांग का कम होना है। बारिश के महीनों में निर्माण का काम धीमा पड़ जाता है क्योंकि गीली मिट्टी में नींव खोदना और सामान ढोना मुश्किल हो जाता है। अगस्त से अक्टूबर तक मानसून रहने के कारण लोग निर्माण का काम टाल देते हैं जिससे बाजार में खपत घट जाती है। कुछ राज्यों की सरकारों ने टैक्स में भी राहत दी है जिसका सीधा असर दामों पर पड़ा है। जानकारों का मानना है कि यह रुझान अभी कुछ समय तक बना रह सकता है लेकिन दिसंबर के बाद मौसम साफ होने पर फिर से मांग बढ़ सकती है।
अलग अलग राज्यों में भाव की स्थिति
देश के विभिन्न राज्यों में निर्माण सामग्री के दाम अलग अलग हैं। बिहार में इस सप्ताह सरिया और सीमेंट दोनों के दामों में अच्छी गिरावट दर्ज की गई है। यहां सरिया बहत्तर हजार से चौहत्तर हजार रुपये प्रति टन में मिल रहा है और सीमेंट तीन सौ चालीस से तीन सौ साठ रुपये प्रति बैग में बिक रहा है। उत्तर प्रदेश और झारखंड में बालू के रेट सबसे कम हैं जहां एक ट्रॉली साढ़े चार हजार से लेकर साढ़े चार हजार आठ सौ रुपये में उपलब्ध है।
इन राज्यों में सरकार ने खनन और रॉयल्टी के नियमों में ढील दी है जिसका फायदा सीधे ग्राहकों को मिल रहा है। मध्य प्रदेश में दाम अभी भी थोड़े ज्यादा हैं लेकिन यहां भी पिछले हफ्ते के मुकाबले कमी आई है। ब्रांडेड सरिया की बात करें तो टाटा टिस्कॉन का सरिया चौहत्तर हजार आठ सौ रुपये प्रति टन और जिंदल पैंथर का सरिया तिहत्तर हजार छह सौ रुपये प्रति टन पर मिल रहा है। सीमेंट में अंबुजा कंपनी का ओपीसी ग्रेड साढ़े तीन सौ रुपये प्रति बैग और अल्ट्राटेक का पीपीसी ग्रेड तीन सौ साठ रुपये प्रति बैग में उपलब्ध है।
घर बनाने वालों के लिए सुझाव
जो लोग काफी समय से घर बनाने की योजना बना रहे थे लेकिन महंगाई की वजह से रुके हुए थे उनके लिए यह सबसे सही समय है। अगर आप सरिया और सीमेंट दोनों को एक साथ खरीदते हैं तो ट्रांसपोर्ट का खर्च बहुत कम हो जाता है। बड़े सप्लायर से थोक में सामान लेने पर छूट भी मिल सकती है जिससे आपका कुल बजट काफी हद तक नियंत्रण में रहेगा। अभी कच्चा माल खरीदकर स्टॉक कर लेना फायदेमंद रहेगा क्योंकि आने वाले हफ्तों में दाम फिर बढ़ सकते हैं।
खरीदारी करते समय हमेशा जीएसटी का बिल जरूर लें और देख लें कि बालू खरीदते वक्त सरकारी रॉयल्टी की रसीद मिले। बिना रॉयल्टी वाली बालू लेना जोखिम भरा हो सकता है और बाद में कानूनी दिक्कत का कारण बन सकता है। अगर आप लंबे समय तक चलने वाले निर्माण की योजना बना रहे हैं तो अभी सामान खरीदना बुद्धिमानी का काम होगा। स्थानीय बाजार में जाकर दाम जरूर चेक कर लें क्योंकि हर जगह थोड़ा बहुत अंतर हो सकता है।
महत्वपूर्ण सूचना
इस लेख में दी गई कीमतें विभिन्न बाजार स्रोतों और व्यापारियों से प्राप्त जानकारी पर आधारित हैं। अलग अलग इलाकों और शहरों में निर्माण सामग्री के दामों में कुछ अंतर हो सकता है। खरीदारी करने से पहले अपने क्षेत्र के स्थानीय बाजार में जाकर वास्तविक कीमतों की जांच अवश्य करें। ब्रांड और गुणवत्ता के आधार पर भी दामों में फर्क देखने को मिल सकता है। यह लेख केवल सामान्य जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी प्रकार की गलत या अधूरी जानकारी के लिए लेखक या प्रकाशक जिम्मेदार नहीं होंगे। कृपया खरीदारी से पूर्व विश्वसनीय स्रोतों से सत्यापन कर लें।









