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आखिर कैसे थमेगा मौत का सिलसिला, छेड़छाड़ से तंग बेटियां पढ़ाई व दुनिया छोड़ने को मजबूर

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बुरी नीयत वालों के कारण बेटियों की मौत होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। कहीं बेटियों की हत्या की जा रही है, तो कहीं परेशान होकर वे खुद ही जान दे रही हैं। किराएदार की छेड़छाड़ से परेशान छात्रा की मौत ने एक बार फिर ये सोचने को मजबूर कर दिया है कि आखिर ये सिलसिला कब थमेगा। ऐसा कौन सा कानून बनाया जाए, जिससे बेवजह बेटियों की जान न जाए। छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने लिए एंटी स्क्वायड टीमें काम कर रही हैं, लेकिन लगातार बेटियां परेशान हो रही हैं। कई बेटियों ने दुनिया छोड़ दी, तो कई ने पढ़ाई। स्कूल-ट्यूशन जाती छात्राओं से भी छेड़छाड़ जिले में आम हो गई है। स्कूल संचालक और अभिभावक कई बार मनचलों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।

बड़गांव थाना क्षेत्र के एक गांव में करीब एक साल पहले एक युवती ने जान दे दी थी। उसे भी एक युवक परेशान कर रहा था। 
कुछ माह पहले देवबंद क्षेत्र में एक महिला स्वास्थ्य कर्मचारी के साथ छेड़छाड़ की गई थी। आहत होकर उसने जहरीला पदार्थ खा लिया था।
नानौता क्षेत्र में छात्रा के साथ बाइक सवार दो शोहदों ने छेड़छाड़ की थी। पीड़ित पक्ष ने पंचायत बुलाई थी। छात्रा ने भरी पंचायत में आरोपी शोहदों को थप्पड़ जड़ा था।
रामपुर मनिहारान क्षेत्र में छेड़छाड़ को लेकर दो वर्गों के बीच पथराव और फायरिंग में एक युवक की मौत हो गई थी। 
रामपुर मनिहारान क्षेत्र में एक कॉलोनी में दो पक्षों में छेड़छाड़ पर हुए संघर्ष में सात लोग घायल हुए।
शहर के एक क्षेत्र में एक साल पहले छेड़छाड़ से आहत होकर दो छात्राओं ने स्कूल जाना छोड़ दिया था।

कुछ मामले ऐसे भी रहे, जिनमें युवतियों की जगह युवक पीड़ित रहे। शहर में ही कुछ महीने पहले पड़ोस की युवती एक युवक पर छेड़छाड़ का आरोप लगा रही थी। आरोपों से आहत होकर युवक ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। इसके अलावा कई थानों में छेड़छाड़ के आरोपों वाली कुछ शिकायतें जांच में गलत पाई जा चुकी हैं।

हिंदू कन्या इंटर कॉलेज की प्रिंसिपल और सामाजिक संस्था परचम से जुड़ी डॉ. कुदसिया अंजुम मानती हैं कि स्कूल कॉलेज की छात्राओं को इस समस्या से सबसे अधिक जूझना पड़ता है। मगर उनकी बेटियों से अपील है कि वे ऐसी घटनाओं को लेकर सजग रहें। डटकर मुकाबला करें। कोई परेशान करे तो मौका पाते ही पास में मौजूद लोगों, परिजनों और फिर पुलिस को जानकारी दें। जरूरत पड़ने पर एंटी स्क्वॉयड टीम, महिला पुलिस और क्षेत्र की थाना पुलिस की मदद लें।

एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि छेड़छाड़ जैसे मामलों में बेटियों की सुरक्षा के लिए रात के समय टीमें अधिक सक्रिय रहेंगी। शासन के निर्देश पर पूरा प्लान तैयार हो चुका है। ऐसी घटनाओं के समय युवतियां 1090 और 112 जैसे हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत कर सकती हैं।

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